
मेरा नाम डी डी अंजान मैं 100 प्रतिशत दिव्यांग हुँ। दिनांक 04/03/2019 को खेरली( अलवर) से गांधी जयपुर के लिए पैरा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आ रही थी सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर में 5 से 8 मार्च के बीच में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता होने जा रही है उस में भाग लेने के लिए आई थी के लिए ट्रेन इन्टर सिटी आगरा फोर्ट अजमेर मे टिकट लेकर अपने सहयोगी के साथ दिव्यांग डिब्बे मे बैठे थे। जगतपुरा स्टेशन पर मेरे सहयोगी को कमर की बैल्ट पकड़ कर एक पुलिस कर्मचारी ने उसे नीचे खिचकर बोला तुम यहाँ क्या कर रहा है। तब मेरे सहयोगी ने बोला हम ने टिकट लिया है और मैं दिव्यांग के साथ हुँ। फिर भी वह उसे जबरदस्ती पकड़ कर ले गए। तब मुझे पता चला तो मैं चिल्लाने और रोने लगी। और ट्रेन चल पडी। फिर मेने ट्रेन की चैन खीचवाई। फिर मैंने खिडकी पुलिस वाले को देखा और बोली कि मुझे ट्रेन से कोन उतारेंगे। और मैं रोने लगी। फिर पुलिस वाला अंदर आया। और बोला तुम्हारे सहयोगी का सटिर्फिकेट हैं क्या। उसके बाद भी मेरे सहयोगी को नहीं छोडा। और फिर ट्रेन चल पडी फिर मैंने दुबारा चैन खीचवाई। फिर वह दौड़ कर ट्रेन मे आया। ड्यूटी इंचार्ज का नाम है धीर सिंह
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