उद्योगपति अनिल अंबानी के स्वामित्व वाला रिलांयस समूह, कांग्रेस के खिलाफ किए मानहानि के मामले को वापस लेंगे। रिलांयस ने कांग्रेस और हेराल्ड के खिलाफ अहमदाबाद की एक अदालत में पांच हजार करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था।
अनिल अंबानी की तरफ से कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं और नेशनल हेराल्ड के संपादक जफर आगा व लेख लिखने वाले विश्वदीपक के खिलाफ पांच हजार करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था। अब अनिल अंबानी और रिलायंस समूह के वकील रशेष पारिख ने कहा है कि वो मुकदमा वापस लेने जा रहे हैं। इस बारे में नेशनल हेराल्ड के वकील पी एस चंपानेरी को बता दिया गया है।
अनिल अंबानी की कंपनी एडीएजी ने समाचार पत्र के खिलाफ दायर याचिका में कहा था कि अखबार ने राफेल विमान डील को लेकर फर्जी और अपमानजनक आर्टिकल छापे गए थे।
दायर मुकदमे में कंपनियों ने आरोप लगाया है कि मोदी के राफेल सौदे के ऐलान से 10 दिन पहले अनिल अंबानी ने बनाई रिलायंस डिफेंस शीर्षक नामक लेख झूठ और अपमानजनक है।
यह लेख जनता को गुमराह करने वाला है और ये एडीएजी के चेयरमैन अनिल अंबानी की नकारात्मक छवि को प्रदर्शित करता है। जिसके कारण लोगों पर गलत असर पडे़गा।
इस आर्टिकल से कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई के लिए कंपनी ने समाचार पत्र पर 5000 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकादमा किया। इससे पहले रिलायंस समूह ने कई कांग्रेस नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा था।
जिन कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ यह मुकदमा था उनमें सुनील जाखड़, रणदीप सिंह सुरजेवाला, ओमान चेंडी, अशोक चह्वाण, अभिषेक मनु सिंघवी, संजय निरूपम और शक्तिसिंह गोहिल शामिल हैं। अब इस केस की अगली सुनवाई अदालत की गर्मियों की छुट्टी खत्म होने के बाद होगी।

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