कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उनका कहना है कि का कहना है कि बीजेपी फेसबुक और वाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का गलत प्रयोग करके मतदाताओं को प्रभावित करते है। शशि थरूर ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में ये बयान दिया।
शशि थरूर का कहना है कि भारत में वाट्सएप काफी पसंद किया जाता है। लोग इस मैसेजिंग ऐप पर काफी एक्टिव भी रहते है। वहीँ क्योंकि भारत के 82 प्रतिशत मोबाइल फोन यूजर इस ऐप को डाउनलोड कर रखा है, इस लिए बीजेपी के लिए कुछ ख़ास लोग उनके निशाने पर रहते हैं।
शशि थरूर का कहना है कि, “सत्ताधारी बीजेपी देशभर में लगभग 5 लाख वाट्सएप समूहों तक पहुंच बनाने की तकनीक में माहिर है। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मार्च महीने में ही घोषणा कर दी थी कि आने वाले लोकसभा चुनाव मोबाइल फोन के माध्यम से लड़े जाएंगे। इसको देखते हुए आप इसे वाट्सएप चुनाव कह सकते हैं।”
कांग्रेस सांसद ने दावा किया, “भाजपा अपनी इस बड़ी जनसेना का लाभ उठाती है। इसमें कुछ तो पैसे लेकर काम करते हैं और कुछ स्वयंसेवी हैं, जिनका काम वाट्सएप समूहों में रुचि लेने वालों को सामग्री परोसना है।”
थरूर का कहना है कि राजनीतिक पार्टी अपनी पसंद के मुताबिक, जाति या धार्मिक पहचान या खास मुद्दे के हिसाब से समूह बना सकता है और अपने पक्ष को मजबूत बनाने के लिए संदेशों की बाढ़ ला सकता है। और पार्टी लोगों से मनवा सकता है कि पार्टी उसके साथ है।”
उनका कहना है कि फेसबुक हमेशा ये दावा करता है कि भारत में हर दिन 10 लाख फर्जी खातों को बंद कर रहा है। मगर ऑनलाइन स्टार्टअप सोशल मीडिया मैटर्स और नई दिल्ली में बैठी सरकार, उसकी नीति और राजनीति संस्थान द्वारा हाल में एक सर्वेक्षण कराया गया जिसमें खुलासा हुआ है कि हर दो भारतीयों में से एक को फेसबुक और वाट्सएप के जरिये फर्जी खबरें मिल रही हैं।
थरूर का कहना है कि, “आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि सोशल मीडिया का सर्वाधिक राजनीति मंच ट्विटर है। सिर्फ भारत में इसके 3 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। मगर फेसबुक और वाट्सएप ने इसे बौना बना दिया है। इन दोनों में से प्रत्येक के 24 करोड़ से ज्यादा सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।”
थरूर ने कहा, “अमेरिका में किसी बड़ी रैली या यहां तक कि बड़ी जनसभा के आयोजन में ट्विटर अनुपयोगी साबित होता है। यह औपचारिक प्रचार का विकल्प नहीं बन सकता। फिर भी राजनीतिक पार्टियों ने इस साल बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया की तरफ रुख किया है।”

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