‘जल्द खत्म हो जाएगी ये दुनिया….सबकुछ हो जाएगा खत्म’….कई बार इस तरह की खबरें मीडिया द्वारा चलाई जाती हैं, जिसके कई उदाहरण पेश हैं, लेकिन एक बार फिर से इसी तरह की खबरें चलाई जा रही हैं। साल 1999 के बाद जब साल 2000 आने वाला था, तब मीडिया द्वारा दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ और आज हम 2019 में जी रहे हैं। इतना ही नहीं, साल 2012 में भी कुछ इसी तरह की अफवाहें उड़ी थी, जिसके बाद सभी लोग डर गए थे, लेकिन एक बार फिर से एक दावा किया जा रहा है कि जल्द ही दुनिया खत्म हो जाएगी, जिसके लिए बकायदा एक शोध जारी किया गया है।
अमेरिका में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मिशेल रेम्पिनो ने शोध रिपोर्ट पेश की है, जिसमें दावा किया गया है कि जल्द ही पूरी दुनिया का सर्वनाश हो जाएगा और धरती जीव जंतुओं से विहीन हो जाएगी। इतना ही नहीं, इस शोध में यह भी दावा किया गया है कि 26 करोड़ साल पहले भी ऐसा हो चुका है और तब से लेकर अब तक 6 बार ये धरती जीव जंतुओं से विहीन हो चुकी है, जिसकी वजह से एक बार फिर इस धरती पर कुछ नहीं बचेगा। बता दें कि शोध की यह बात सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है।
सातवीं बार हो सकता है महाप्रलय
अमेरिका के शोधकर्ताओं का अनुमान है कि जिस तरह से धरती का ताप दिन ब दिन बढ़ रहा है, उससे तो हम बहुत तेज़ी से महाप्रलय की तरफ बढ़ रहे हैं और अब वह दिन दूर नहीं है। हालांकि, सातवीं महाप्रलय होने की संभावना कब है, इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन अनुमान यही लगाया जा रहा है। शोधकर्ताओं की माने तो जब भी धरती का ताप ज़रूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तो महाप्रलय आने की संभावना बढ़ जाती है, जिसकी वजह से इस धरती पर कुछ भी नहीं बचता है।
6 बार आ चुका है महाप्रलय
शोधकर्ताओं ने अपने शोध में दावा किया है कि इससे पहले 6 बार महाप्रलय आ चुका है और धरती पर कुछ भी नहीं बचा था। शोधकर्ताओं ने दावा किया 26 करोड़ साल पहले महाप्रलय आया था, जिसके बाद इस धरती पर कोई जीव जंतु नहीं बचा था और इसका सबसे ज्यादा नुकसान समुद्र और महासागर को हुआ था। बता दें कि वैज्ञानिकों का भी यही अनुमान है कि अब तक पांच बार महाप्रलय आ चुका है, जिसमें सभी जीव जंतु नष्ट हो गए थे और ये ज्वालामुखी फटने की वजह से हुआ था। वैज्ञानिकों ने इस महाप्रलय को ऑर्डोविशियन (44.3 करोड़ साल पहले), लेट डेवोनियन (37 करोड़ वर्ष पहले), पर्मियन (25.2 करोड़ वर्ष पहले), ट्रायसिक (20.1 करोड़ वर्ष पहले) और क्रेटेशियस (6.6 करोड़ वर्ष पहले) में बांटा है।
26 करोड़ साल बाद आता है महाप्रलय
शोधकर्ताओं की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रत्येक 27 करोड़ से लेकर 26 करोड़ साल के बाद महाप्रलय आता है, जिसमें पूरी दुनिया नष्ट हो जाती है और यह धरती जीव जंतुओं से विहीन हो जाती है। ऐसे में रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अब यह समय पूरा हो चुका है, ऐसे में जल्द ही दुनिया खत्म हो जाएगी।
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