
2 साल से अपने साथ हो रही दरिंदगी के बावजूद लड़की चुपचाप सब सहती रही, क्योंकि लड़की को अपने साथ हुए इस अन्याय से ज्यादा अपने घर की खराब माली हालत की चिंता थी।
सॉरी अम्मा एक बच्ची के मुख से निकले शब्द। 12 साल की वो मासूम जिसके साथ बीते दो सालों में ना जाने कितनी बार दुराचार हुआ, जाने कितनी बार उसे बेआबरू किया गया, उसके जिस्म को रौंदा गया और जब इस नर्क से राहत मिली तो मासूम अपनी दरवाजे के चौखट पर लिख गई सॉरी अम्मा। सॉरी की अब अपने जिस्म से घर का चुल्हा नहीं चला पाउंगी। सॉरी अम्मा अब अपने दर्द से बीमार दादी को दवाई नहीं दिला पाउंगी। सॉरी अम्मा अपनी आत्मा को तिल-तिल मारकर अब घर का किराया नहीं दे पाउंगी।
यह शब्द उस बच्ची ने तब लिखे जब उसे अधिकारी शेल्टर होम ले जा रहे थे। अपने साथ हुए अन्याय का एहसास इस बच्ची को नहीं लेकिन यहां मां-बाप की मजबूरी और घर की खराब हालत को यह 12 साल की बच्ची जरूर समझती हैं।
रिश्तों को तार-तार कर देने वाला यह मामला है केरल के मलप्पुरम का है। जहां 12 साल की एक नाबालिग से पिछले दो साल में 30 से भी ज्यादा लोगों ने दुष्कर्म किया। माता-पिता की जानकारी में यह सब होता रहा, बेटी का यौन शोषण करने वाले उसके पिता के ही परिचित थे। कहा जा रहा है कि पैसों के लिए मां-बाप खामोश रहे और घर की तंगहाली देख यह बेटी सबकुछ सहती रही।
2 साल से अपने साथ हो रही दरिंदगी के बावजूद लड़की चुपचाप सब सहती रही, क्योंकि लड़की को अपने साथ हुए इस अन्याय से ज्यादा अपने घर की खराब माली हालत की चिंता थी। बताया जा रहा है कि बच्ची के साथ हो रही दरिंदगी तब सामने आई जब लड़की की खराब सेहत को देखते हुए एक पड़ोसी ने उसके स्कूल को जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में नाबालिग के पिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन लड़की नहीं चाहती कि उसके पिता के साथ कुछ भी बुरा हो। इसे चिंता है कि अगर उसके पिता को जेल हुई तो घर के हालात और भी खराब हो जाएंगे। Read More
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