इस ‘इको’ करेंसी ने करीब 2 दशक पहले CFA को Euro से जोड़ दिया था। अब अफ्रीका ने फ्रांस की बस्तीयों से पूरी तरह से मुक्ति पा ली है।
74 सालों बाद अफ्रीका के इन 8 देशों ने बदल दी अपनी करेंसी। बताया जा रहा है कि इन देशों में अभी तक Financial Community of Africa (CFA) की फ्रैंक करेंसी चल रही थी। अफ्रीका का कहना है किअब ये फ्रैंक करेंसी नहीं चलेगी अब इसकी जगह ‘इको’ करेंसी चलेगी। आखिर क्या है ये ‘इको’ करेंसी और क्यों बदली जा रही है करेंसी?

74 सालों बाद ‘इको’ करेंसी को इन 8 देशों में इतनी मान्यता इसलिए दी जा रही है। क्योंकि Financial Community of Africa(CFA) की फ्रैंक करेंसी यूरोपियन देश फ्रांस की करेंसी फ्रैंक से जुड़ी हुई थी।ऐसा इसलिए है क्योंकि इन 8 देशों में पहले फ्रांस की बस्ती थी। इसलिए इन देशों पर फ्रांस सरकार का राज चलता था।

Financial Community of Africa (CFA)पहले कुल 14 देशों में लागू की गई थी, जो अब सिर्फ 6 देशों में बची है। इस ‘इको’ करेंसी ने करीब2 दशक पहले CFA को Euro से जोड़ दिया था। अब अफ्रीका ने फ्रांस की बस्तीयों से पूरी तरह से मुक्ति पा ली है। तो अब इन सभी देशों में ‘इको’ करेंसी को लागू कर दिया गया है।
इन 8 देशों में बदली गई है करंसी- बुर्किना फासो, बेनिन, आइवरी कोस्ट, गिनी-बसाउ, नाइजर, माली, सेनेगल और टोगोबिसाउ।
No comments:
Post a Comment