चारों दोषियों को दया पिटीशन दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था।
2012 में देश को झकझोर कर रख देने वाले निर्भया कांड के चारों दोषियों में से एक विनय शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को फिर एक बार पत्र लिख भेजा है। और इस पत्र में विनय ने कहा है कि उसकी तरफ से जो दया की पिटीशन दायर की गई है,उसे जल्द से लौटा दिया जाए। साथ में विनय ने ये भी कहा है कि दायर की गई पिटीशन में उसकी स्वीकृति नहीं ली गई है और ना ही पिटीशन मेंउसके साइन हैं। और इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़ के पेश किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार तिहाड़ जेल प्रबंधन ने विनय द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में लिखी गई बातों को झूठ करार दिया है। बता दें कि विनय ने अपने वकील द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में जेल प्रबंधन और दिल्ली सरकार पर भी आरोप लगाया है कि दोनों ने मिल कर साजिश के तहत दया पिटिशन भेजी थी। और अभी उसके पास कानूनी विकल्प समाप्त नहीं हुए है।उसने किसी प्रकार की कोई सुप्रीम कोर्ट में उपचारात्मक पिटिशन दाखिल नहीं की है, तो इस दया पिटीशन पर कोइ निर्णय ना ले।

सूत्रों के मुताबिक तिहाड़ प्रबंधन ने बताया कि विनय झूठ बोल रहा है दया पिटीशन पर विनय के साइन मौजूद हैं। साथ ही उसका अंगूठे का निशान भी है। चारों दोषियों को दया पिटीशन दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था। हमारे पास सारे रिकॉर्ड हैं, जिससे विनय के द्वारा कहे गए झूठ सामने आ जाएंगे।
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