बहुमत परीक्षण में सफल रही उद्धव ठाकरे सरकार, बीजेपी ने किया वॉकआउट - Breaking News | Hindi News | India Hindi News

Breaking

Breaking  News | Hindi News | India Hindi News

AB Star News : Hindi news (हिंदी समाचार) Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment. पढ़ें ताजा समाचार देश और दुनिया से, जाने व्यापार, बॉलीवुड, खेल और राजनीति के ख़बरें

Post Top Ad

Post Top Ad

Sunday, December 1, 2019

बहुमत परीक्षण में सफल रही उद्धव ठाकरे सरकार, बीजेपी ने किया वॉकआउट

देवंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उन्होंने सविंधान के अंतर्गत शपथ ग्रहण नहीं की थी।

महाराष्ट्र में काफी समय से चली राजनीतिक उठापठक के बाद आखिरकार नई नवेली बनी उद्धव ठाकरे की सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार ने कुल 169 मतों से बाजी मारी है। और उद्धव सरकार के विपक्ष में एक भी मत नहीं पड़ा हैं। जिसके चलते बीजेपी ने काफी हंगामा खड़ा किया है। और सदन से वॉकआउट कर दिया है। साथ ही देवंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उन्होंने सविंधान के अंतर्गत शपथ ग्रहण नहीं की थी।
Maharashtra: Chief Minister Uddhav Thackeray led Government passes floor test in assembly. Opposition MLAs had staged walkout in protest earlier
View image on Twitter
87 people are talking about this

साथ ही उन्होंने कहा कि आज से पहले हमेशा बहुमत परिक्षण से पहले ही नियमित स्पीकर की नियुक्ति कर दी गई है। लेकिन इस बार नियमों के साथ हेर-फेर की गई है। और प्रोटेम स्पीकर चुन कर फ्लोर टेस्ट करवाया गया है। ये सरासर संविधान के नियमों का उल्लंघन है। जो सभा संविधान के मद्देनजर काम नहीं कर सकती है। हम उस सभा का हिस्सा नहीं बन सकते है। ऐसी परिस्थिति में राज्यपाल को यह कार्यवाही रद्द कर देनी चाहिए। हम खुद राज्यपाल को अनियमितता का पत्र सौंपेंगे।
बहुमत परीक्षण में सफल रही उद्धव ठाकरे सरकार

बता दें कि इसका जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा कि मुझे सदन में काम करने का अनुभव नहीं है, मैं मैदान में लड़ने वाला आदमी हूं। सदन में आपसी मतभेदों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मैं गर्व महसूस करता हूं कि मैं अपने आदर्शों को नहीं भूला और मैनें उनके नाम से ही शपथ ग्रहण की। उन्होने आगे कहा कि, ‘मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज और मेरे माता-पिता के नाम पर शपथ ली थी। फिर भी अगर इसमें कुछ गलत है, तो मैं दोबारा शपथ ले लूंगा।’ मिली जानकारी के मुताबिक फ्लोर टेस्ट के मतदान में कुल 4 विधायक तटस्थ रहे। वहीं बात करें अगर एमएनएस पार्टी की तो वे मतदान में शामिल नहीं हुई। और वे भी तटस्थ रही।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad