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Thursday, December 12, 2019

Happy Birthday Yuvraj Singh: जानिए आखिर क्यों पिता योगराज ने फेंक दिया था मेडल…

yuvraj singh birthday

दरअसल, युवराज सिंह क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। मगर उनके फैंस कि दिलों में वे अभी भी एक बेहतर खिलाड़ी को रूप में रहते है।

कभी भारतीय क्रिकेट टीम की जान कहे जाने वाले और 2011 विश्व कप के नायक युवराज सिंह का बर्थडे है। पंजाब का ये शेर 38 साल का हो गया है। युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ था। युवराज सिंह ने 1 नहीं 2 नहीं बल्कि 4 वर्ल्ड कप जीत के अपने भारतीय फैंस को तोहफा दिया है। युवी भारत के सुपरस्टार खिलाड़ी हैं। जब भी वे मैदान पर उतरते थे तो उनके फैंस अपना काम छोड़ सिर्फ उन्हें ही देखते थे। ICC चैंपियंशिप की ट्रॉफी में अपने डेब्यू के बाद युवी भारतीय टीम की जान बन गए थे।
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उनकी यही खासियत थी कि वे बेझिझक बड़े-बड़े शॉट्स लगा सकते थे। दरअसल, युवराज सिंह क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। मगर उनके फैंस कि दिलों में वे अभी भी एक बेहतर खिलाड़ी को रूप में रहते है।

क्रिकेट की दुनिया में युवराज ने कैसे रखा कदम

युवराज सिंह के क्रिकेट के बारे में तो सभी जानते हैं। मगर वे एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में क्रिकेट की दुनिया में कैसे आए थे,  इसके पीछे भी एक मज़ेदार कहानी है। युवी का जन्म एक क्रिकेटर पिता के घर हुआ था। उनके पिता योगराज सिंह भारत के लिए पहले टेस्ट खेल चुके थे। मगर उन्हें इस जगत में इतनी प्रशंसा नहीं मिली थी। इसलिए उन्होंने सोचा कि वे अपने बेटे के जरिए अपना सपना पूरा करेंगे। युवी किसी अन्य खेल में चैंपियन थे और योगराज अपने बेटे को एक क्रिकेटर के रूप में सपने देख रहे थे।
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युवराज सिंह को बचपन से ही स्पोर्ट्स से लगाव था। वे अपने स्कूल के दिनों में हर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने में दिलचस्पी रखते थे। 14 साल की उम्र से ही युवी अपने आप को एक रोलर स्केटिंग चैंपियन के रूप में देख रहे थे। जिसके लिए वे ट्रेनिंग भी ले रहे थे। अंडर 14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में युवराज ने गोल्ड मेडल भी जीता था। मगर युवी जैसे ही मेडल ले घर आए, पिता योगराज ने मेडल छीना और फेंक दिया। साथ ही बोले- तुम सिर्फ क्रिकेट खेलोगे। इसके बाद युवी ने कभी पीछ़े मुड़कर नहीं देखा और क्रिकेट खेलते रहे और वह भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

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