
तीसरी कक्षा में पढ़ रहे प्रशांत ने किसान आत्महत्या को लेकर एक कविता सुनाई।
हमारे देश में कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी आए दिन किसानों की समस्याएं बनी रहती हैं। कभी आर्थिक तंगी को लेकर तो कभी कर्ज माफी को लेकर किसान अपनी मजबूरियों के आगे घुटने टेक देते हैं, और अपने आपको मौत के हवाले कर देते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में। जहां एक किसान के बेटे ने स्कूल में किसान पर कविता सुनाई लेकिन जब वो अपने घर पहुंचा तो उसे अपने पिता का शव मिला। दरअसल 27 फरवरी को जिले में मराठी राजभाषा दिवस के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान जिले के स्कूलों में कार्यक्रम हुए। इसी के चलते गांव भारजवाड़ी के स्कूल में भी कविता-पाठ का आयोजन किया जा रहा था।
कार्यक्रम के दौरान तीसरी कक्षा में पढ़ रहे प्रशांत ने किसान आत्महत्या को लेकर एक कविता सुनाई। जिसमें वो कविता के माध्यम से किसानों को आत्महत्या न करने के लिए कह रहा था। उसकी कविता पर स्कूल में खूब तालियां बजाई गईं। वहीं प्रशांत ने सोचा कि अब वो इस कविता को अपने पिता को सुनाएगा। स्कूल से वापस आकर उसने कविता अपने पिता को सुनानी चाही लेकिन वो घर में नहीं मिले। जिसके बाद वो खेलने चला गया। लेकिन जब वह घर वापस लौटा तो उसके घर के बाहर भीड़ इकट्ठा थी। कुछ लोगों ने उसे बताया कि उसके पिता मल्हारी पटुले ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली है।
खबरों के मुताबिक किसान के पिता ने बताया कि बेटी की शादी के लिए मृतक ने अपने रिश्तेदारों से कर्ज ले रखा था। जिसको लेकर किसान काफी टेंशन में रहता था। वहीं आशंका जताई जा रही है कि कर्ज माफ न कर पाने की वजह से किसान ने आत्महत्या की है।
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