नर्मदा नदी की 3500 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी कर दातागंज निवासी शिप्रा पाठक घर वापस लौंट आयी हैं. इस मौके पर उनसे मिलने वालों की बड़ी भीड़ आ रही है. आपको बता दें कि शिप्रा एक ब्रह्रमण परिवार से हैं और उनकी दादी दातागंज विधानसभा से विधायक रही थीं. शिप्रा को बचपन से ही धार्मिक कार्यों में रूचि रही है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिक्रमा अध्यात्म को ध्यान में रखते हुए किया गया है और लंबी यात्रा के दौरान कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा. उनकी मां ने कहा कि जब शिप्रा ने परिक्रमा करने के बारे में बताया तो पहले वे हैरान हुई लेकिन उसकी धार्मिक रूझान को देखते हुए उसे यह साहस दिया.
नर्मदा नदी की 3500 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी कर दातागंज निवासी शिप्रा पाठक घर वापस लौंट आयी हैं. इस मौके पर उनसे मिलने वालों की बड़ी भीड़ आ रही है. आपको बता दें कि शिप्रा एक ब्रह्रमण परिवार से हैं और उनकी दादी दातागंज विधानसभा से विधायक रही थीं. शिप्रा को बचपन से ही धार्मिक कार्यों में रूचि रही है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिक्रमा अध्यात्म को ध्यान में रखते हुए किया गया है और लंबी यात्रा के दौरान कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा. उनकी मां ने कहा कि जब शिप्रा ने परिक्रमा करने के बारे में बताया तो पहले वे हैरान हुई लेकिन उसकी धार्मिक रूझान को देखते हुए उसे यह साहस दिया.

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