एक अफवाह के चलते उत्तर प्रदेश के मेरठ सदर इलाके की ये वो जगह है जहां कभी बस्ती हुआ करती थी लेकिन अब यहां राख, धुंए और जले हुए समान पड़े हैं। तिनका-तिनका जुटा कर जो आशियाना खड़ा किया था वो अब जलकर खाक हो चुका है। एक अफवाह ने इनका सबकुछ छीन लिया।
बता दें कि यह घटना मेरठ कैंट के थाना सदर इलाके की मलिन बस्ती की है। जहां कैंट बोर्ड की टीम पुलिस के साथ अवैध निर्माण हटवाने गई थी तभी ये बात अफवाह के रुप में फैल गई कि बोर्ड और पुलिस की टीम अवैध वसूली के मकसद से पहुंची है।
अफवाह फैलते ही इलाके के लोगों और पुलिस के बीच आपस में कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी हद तक बिगड़ गई कि लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इलाके के लोगों का ये भी आरोप है कि पुलिस की टीम ने ही इलके में आग लगा दी।
बता दें कि झुग्गियों में मौजूद गैस सिलेंडरो ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते यहां करीब 100 झुग्गियां जल कर खाक हो गई। आग पर काबू पाने के लिए आसपास की जिलों से फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। घंटो की मशक्कत के बाद आग पर तो काबू पा लिया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
गौरतलब है कि एक धर्मिक स्थल सहित कई झुग्गियां आग की भेंट चढ़ चुकी थी। गुस्साई भीड़ सड़कों पर पहुंच गई और सड़क को जाम कर दिया भीड़ ने कई वाहनों को अपना शिकार बनाया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए आस-पास के इलाकों से पुलिस बल को बुला कर तैनात कर दिया गया। मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई।
इस हिंसा में पुलिस के साथ कई स्थानीय लोगों को भी चोटें आई हुई है। जानकारी के मुताबिक आरोप ये भी है कि पुलिस के हथियार और वायरलेस को भी छीना गया था। मामले की जांच की जा रही है कि आखिरकार आग कैसे और किसने लगाई। लेकिन मामला तूल न पकड़े इसको देखते हुए प्रशासन ने इलाके की इंटरनेट सेवा को कुछ देर के लिये बंद कर रखा है।
जिस अवैध निर्माण मकान को तोड़ने के लिए इतना बड़ा हंगामा हुआ वो वैसा का वैसा ही है लेकिन आसपास की सभी झुग्गियां जल कर खाक हो गई। हालाकि पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है, पुलिस मामले को लेकर कई लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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