आमतौर पर राजनीति में कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं। जिनसे उबर पाना हर एक राजनेता के बस की बात नहीं होती। लेकिन जो भी व्यक्ति इन सियासी पत्थरों को अपने राजनीतिक कुशलता के हथौड़े से तोड़कर ‘दशरथ मांझी’ की तरफ समाज को नए पैमाने को मापने के लिए हक़ की मज़बूत सड़क दे जाते हैं। उन्हें जनता कभी नहीं भूलती। बल्कि उन्हें और उनके काम का तहे दिल से स्वागत करती है।
लेकिन जब बात यूपी की सियासत की हो, तो फिर बात और भी दिलचस्प हो जाती है। इस बात को नज़र अंदाज़ नहीं किया जा है कि इस धरती ने ट्रॉली भरकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दिए हैं।
बात मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री हो रही है, तो आज उस नेता के बारे में बात करते हैं। जिसके सियासी घोड़े ने ऐसी दौड़ लगाई कि विरोधियों के हाथ बस रास्ते की उड़ती धूल ही लगी। वो नेता कोई और नहीं बल्कि सूबे की सत्ता पर बैठा वह योगी है, जो सामाजिक न्याय के लिए अपनी कुर्सी तक दांव पर लगा चुका है। हम बात कर रहे है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की। Read More

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