
चारों ओर त्राहिमाम-त्राहिमाम मचा है लेकिन प्रदेश के मुखिया नेचर के आगे अपनी बेबसी का रोना-रो रहे हैं।
यूपी-महाराष्ट्र के बाद अब बारिश का प्रकोप बिहार में देखने को मिला है। स्मार्ट सिटी बनने जा रही बिहार की राजधानी पटना में पानी-पानी हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश से शहर में इतना जलभराव हो गया है कि शहर के लगभग 80 फीसदी घरों के ग्राउंड फ्लोर में पानी घुस आया है। अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक दफ्तरों यहां तक की मंत्रियों के आवास भी इस कहर से अछूते नहीं हैं।

अब तक कई मौते शहर में बाढ़ के चलते हो चुकी है। प्रदेश की जनता रो रही है। चारों ओर त्राहिमाम-त्राहिमाम मचा है लेकिन प्रदेश के मुखिया नेचर के आगे अपनी बेबसी का रोना-रो रहे हैं। नीतीश कुमार ने मौजूदा स्थिति पर कहा, “लोगों को भी अपना मन और हौसला थोड़ा बुलंद रखना चाहिए। नेचर किसी के हाथ में नहीं है। यहां तक कि मौसम विज्ञान भी सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक बात बदल जाती है। ऐसी परिस्थिति में हिम्मत से काम लेने की ज़रूरत है।”
नेचर के आगे इंसान जरूर बेबस है लेकिन पटना की सड़को की हालात देखकर कमी प्रशासन में नजर आती है, जिसका रोना आज पटनावासी रो रहे हैं। बाढ़ के पानी से बेहाल पटना की सड़कों पर नाव चलने लगी है। बचावकर्मी नाव के ज़रिए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। हजारों लोग अपने घरों में ही फंसे हुए हैं। कई इलाकों की बिजली गुल है। कई जगहों पर पीने के पानी और खाने की भी भारी कमी हो रही है। इस बीच राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 23 हो गई हैं।
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