1984 में हुए ये दंगे भारतीय सिखों के विरुद्ध हुए थे। जो की 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गाँधी के हत्या के बाद शुरु हुए थे।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने 1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगो को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृहमंत्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव यदि उस समय पूर्व पीएम आई. के गुजराल की बात मान लेते तो इन दंगो को भड़काने से रोका जा सकता था। बता दें कि आई. के. गुजराल देश के 12वें प्रधानमंत्री बने थे। उनका निधन 2012 में 92 साल की उम्र में मल्टीपल ऑर्गन फेलयर के कारण हुआ था।

वहीं बात करे मनमोहन सिंह द्वारा दिये गये बयान की तो उन्होंने ये बयान बुधवार यानी 4 दिंसबर को गुजराल के 100वें जन्मदिवस के मौके पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम के दौरान दिया। दरअसल मनमोहन सिंह ने कहा ‘‘गुजराल जी इतने ज्यादा चिंतित थे कि वे उसी दिन शाम के वक्त तत्कालीन गृहमंत्री नरसिम्हा राव के पास गए थे। उन्होंने कहा था कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार को जल्द से जल्द सेना को बुला लेना चाहिए। अगर इस सलाह पर अमल किया जाता तो 1984 के नरसंहार को टाला जा सकता था।’’ मनमोहन सिंह ने बताया, ‘‘इमरजेंसी के बाद मेरे और पूर्व पीएम गुजराल के रिश्ते मजबूत हुए थे। वह इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मंत्रालय संभाल रहे थे। इमरजेंसी के दौरान कुछ समस्या होने पर उन्होंने प्लानिंग कमिश्नर को हटा दिया था। उस वक्त मैं वित्त मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार था। तब हमारे रिश्ते मजबूत हुए थे।’’ read more
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