5 जजों की बेंच में से 3 जजों ने परवेज मुशर्रफ के खिलाफ यह निर्णय दिया जिसके चलते उन्हे सजा का फैसला सुनाया गया।
पाकिस्तान में 3 नवंबर 2007 को आपातकाल की घोषणा के मामले में देशद्रोह के आरोपों से घिरे पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को आखिरकार देशद्रोही करार कर दिया गया है। जिसके चलते उन्हें फांसी की सजा सुना दी गई है। बता दें कि लाहौर हाईकोर्ट की विशेष बेंच ने ये फैसला लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक 5 जजों की बेंच में से 3 जजों ने परवेज मुशर्रफ के खिलाफ यह निर्णय दिया जिसके चलते उन्हे सजा का फैसला सुनाया गया।
बेंच ने अपने पूर्ण आदेश में कहा कि उन्होंने इस मसले को लेकर 3 महीने तक सारी शिकायतों, रिकॉर्ड्स, दलीले और तथ्यों की जांच पड़ताल की जिसके चलते पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 6 के अनुसार मुशर्रफ को देशद्रोह का दोषी पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक मुशर्रफ पर देश में आपातकाल की घोषणा करने, 100 से ज्यादा जजों को बर्खास्त करने, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को नजरंबद करने और संविधान से छेड़खानी करने के भी आरोप है।
A special court hands death penalty to former Pakistani military dictator Pervez Musharraf in high treason case: Pakistan Media (file pic)
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गौरतलब है कि 3 नवंबर 2007 को इमरजेंसी की घोषणा के मामले में 2013 में मुशर्रफ पर देशद्रोह का केस दाखिल किया गया था। उसके बाद उन्होंने साल 2016 में खराब स्वास्थ्य के चलते पाकिस्तान छोड़ दिया था, जिसके कारण इस मामले की सुनवाई में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। साथ ही सुनवाई को कुछ दिनों के लिए टालना भी पड़ा था।हालांकि 19 नवम्बर को सुनवाई पूर्ण रूप से हो चुकी थी और आज यानी की मंगलवार को फांसी की सज़ा सुना दी गई। इस समय परवेज मुशर्रफ दुबई में मौजूद है। उन्हें दिल और ब्लड प्रेशर संबंधी’ समस्या की शिकायत के कारण 3 दिसंबर को दुबई के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

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