सिविल सर्जन ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं

जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं और यहां आ कर अपने पत्नी और अन्य को एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में ला रहे हैं। इसके लिए जन जागरूकता बहुत ही जरूरी है और जागरूक होकर ही लोग से बच सकते हैं। इसका कारण यह भी है कि एड्स जैसे खतरनाक बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है। इस लाइलाज बीमारी के लिए बिहार सरकार के द्वारा विशेष अस्पताल से जीवन पर्यंत दवाई की व्यवस्था की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि शेखपुरा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एड्स जांच करने की व्यवस्था दी गई है और वहां पर एड्स के जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर सदर अस्पताल में इसकी विशेष जांच होती है और फिर एड्स के मरीज को विशेष इलाज के लिए पटना अस्पताल भेजा जाता है जहां से उनको जीवन पर्यंत मुफ्त में दवा उपलब्ध करा दी जाती है।
एड्स से पीड़ित 15 महिलाओं ने जन्में स्वस्थ बच्चे

एड्स से लड़ते हुए अंबाला में 15 महिलाएं ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। डेढ़ साल में डीबीएस टेस्ट की रिपोर्ट के बाद यह खुलासा हुआ है। इस टेस्ट से साफ हो जाता है कि यह बच्चे एकदम स्वस्थ हैं। इनमें 7 मेल और 8 फीमेल बच्चे शामिल हैं। इनमें एक महिला ऐसी है जिसने गर्भधारण के समय खुद का टेस्ट तो करवाया लेकिन इलाज की प्रक्रिया पूरी नहीं की। घर पर ही डिलिवरी करवाई। इसलिए बच्चा मृत पैदा हुआ। read more
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