
पीड़िता ने बताया की हमला करने वाले वहीं लोग थे, जिन पर उसका रेप करने का आरोप था। वह अपने रेप मामले पर चल रही सुनवाई के लिए रायबरेली के कोर्ट जा रही थी।
जिंदगी और मौत की जंग के बीच आखिरकार उन्नाव रेप पीड़िता ने दम तोड़ दिया। जिसके साथ ही एक औऱ ‘निर्भया’ जिंदगी को अलविदा कहकर कई सवाल हमारे बीच छोड़ गई। शुक्रवार रात सफदरजंग अस्पताल में 11:40 पर उसने अपनी आखिरी सांसे ली और उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी पीड़िता की बहन ने दी है। पीड़िता को आरोपियों ने उसे ज़िदा जला दिया था। जिसके कारण उसका 90 प्रतिशत शरीर जल चुका था। पीड़िता के भाई ने बताया की उसके आखिरी शब्द थे ‘भईया, हमें बचा लीजिए। हमने कहा कि बहन हम बचाकर ले जाएंगे। लेकिन हम उसको बचा नहीं पाए। जो दोषी हैं, उनको भी वहीं जाना है, जहां हमारी बहन पहुंच चुकी है। हमें सरकार से बस यही इंसाफ चाहिए।’
अस्पताल के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि पीड़िता की रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर हृदय ने काम करना बंद कर दिया था। साथ ही कई तमाम कोशिशों के बाद भी हम उसे बचा नहीं पाए और रात 11:40 पर उसका निधन हो गया।
अस्पताल ने बताया कि पीड़िता के शव को फोरेंसिक विभाग को पोस्टमार्टम के लिए सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही पीड़िता के शव को उसके परिवार को दे दिया जाएगा।

पीड़िता को जब इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया जा रहा था, तब वह पुरे रास्ते होश में ही थी और पुलिस को अपना बयान भी दिया और उन पांचों आरोपियों की पहचान भी की थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उस पर आग से हमला करने से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी और साथ ही उसके उपर पहले चाकू से वार किया गया था। पीड़िता ने बताया की हमला करने वाले वहीं लोग थे, जिन पर उसका रेप करने का आरोप था। वह अपने रेप मामले पर चल रही सुनवाई के लिए रायबरेली के कोर्ट जा रही थी। तभी पांच लोगों ने उसे रास्ते में ही घेर लिया और आग में धकेल दिया था।
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