FASTags के लिए एक हाइब्रिड लेन अलग से बनाई जाएगी, जहां पर बिना FASTags वाले वाहनों से अलग से टोल वसूला जाएगा।
आज से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से देशभर में गुजरने वाली कारों के लिए FASTags को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। सरकार ने ये पार्शियल रोलबैक बाजार में FASTags की कमी के कारण लिया है। FASTags लागू करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर को 30 दिन के लिए बढ़ाने की इजाज़त दे दी है।
अगर आप बिना फास्टैग वाले लेन से गुज़रते हैं, तो वाहनों को दोगुना टोल देना पड़ेगा। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 22 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी थी कि टोल प्लाजा पर फास्टैग लगाना अनिवार्य है। परिवहन और हाइवे मंत्रालय के नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के तहत 1 दिसंबर से फास्टैग के माध्यम से टोल पेमेंट वसूलने का ऐलान किया था। मगर इस तारीख को आगे बड़ा दिया गया था और लोगों की सहुलियत के लिए इसे 15 तारीख कर दिया था।

FASTags के ज़रिए टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन नहीं लगेगी। FASTags के लिए एक हाइब्रिड लेन अलग से बनाई जाएगी, जहां पर बिना FASTags वाले वाहनों से अलग से टोल वसूला जाएगा।
कैसे मिलेगा फास्टैग?

FASTags खरीदना बड़ा ही आसान है। आप नई गाड़ी खरीदते वक्त ही डीलर से FASTags को प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, पुराने वाहनों के लिए इसे नेशनल हाईवे के प्वाइंट ऑफ सेल से खरीदा जा सकता है। इसके अलावा FASTags को प्राइवेट सेक्टर के बैंकों से भी खरीदा जा सकता है। इनका टाइअप नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से होता है। ये प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में आते हैं जहां से आप FASTags ले सकते है- सिंडिकेट बैंक, Axis बैंक, IDFC बैंक, HDFC बैंक, SBI बैंक, और ICICI बैंक से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप चाहें तो Paytm से भी FASTags खरीद सकते हैं।
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