JMM एक क्षेत्रीय पार्टी है तो ये बात तो साफ ही है कि वे राज्य से जुड़ी समस्याओं को ही मुद्दा बना कर चुनाव लड़ रही थी।
झारखंड चुनाव केपरिणाम कुछ ही समय बाद सबके सामने आने वाले है। इन नतीजों का पूरे देश में बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। बीजेपी ने 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के नेतृत्व में काफी बड़ी जीत हासिल की थी। हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद झारखंड में 81 सीटों पर चुनाव हुए है। जिसके नतीजे आज घोषित किये जाने हैं। अभी तक हुई मतों की गणना के मुताबिक ये कयास लगाए जा रहें है कि Cong-JMM गठबंधन बाजी मार सकता है और बीजेपी को मुंह की खानी पड़ सकती है। हालांकि अभी स्थिति में कभी भी बदलाव हो सकता है।

Cong-JMM गठबंधन के जीत के कयास लगाए जाने की एक बड़ी वजह है। इस चुनाव में कांग्रेस और जेएमएम द्वारा खेला गया बड़ा दांव। JMM एक क्षेत्रीय पार्टी है तो ये बात तो साफ ही है कि वे राज्य से जुड़ी समस्याओं को ही मुद्दा बना कर चुनाव लड़ रही थी। लेकिन बात थी कांग्रेस कि वो कैसे राष्ट्रीय मुद्दों से दूरी बनाकर झारखंड की जनता से जुड़े। यहीं कांग्रेस ने अपना दांव खेला। जिसके तहत बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए गए । लेकिन हर पोस्टर में केवल राज्य से जुड़े मुद्दों पर ही ज़ोर दिया गया।साथ ही टीवी, रेडियो और अख़बार में छपे विज्ञापनों में भी झारखंड के मुद्दों पर ही बात की गई। जिसमें आदिवासी, बेरोज़गारी, अर्थव्यवस्था शिक्षा, और महिला सुरक्षा जैसे तमाम सवाल थे जो BJP की सरकार के सामने रखे गये। read More
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