मोदी सरकार 2.0 का कार्यकाल शुरु होने के बाद मोदी सरकार ने धारा 370, राम मंदिर, सीएए जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लिए। ये वो फैसले है जिन्हें इससे पहले की सत्ताधारी पार्टियों ने उन्हें कागजों तक ही सीमित रखा। जो फाइलों या फिर यूं कहे दस्तावेजों में कहराते रहें। इनको लेकर होने वाली प्रक्रिया कछुए की गति से चलती रही। लेकिन उनको आखिरी मुकाम तक पहुंचाने की थोड़ी सी भी जहमत नहीं उठाई। वहीं मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक के बाद एक कई ऐतिहासिक फैसले लिए और इन्हें संवैधानिक अमलीजामा पहनाते हुए देश में लागू कर दिया।
इन ऐतिहासिक और सहासिक फैसलों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को ही बदल कर रख दिया। जिसके बाद मोदी सरकार के विरोध में उग्र प्रदर्शनों ने पूरे देश को झूलसाने का काम किया। इस उग्र प्रदर्शनों को तथाकथित नेताओं और उनके समर्थकों ने लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का नाम दिया। जिससे एक अंतहीन बौद्धिक बहस पूरे देश में शुरु हो गई। इन फैसलों पर प्रतिक्रिया पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान और मुस्लिम देश मलेशिया से भी आई। जिसने देश की राजनीति को और भी Read More...

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