10% स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को माइग्रेन की समस्या है। जिसमें आधे से ज्यादा बच्चें 12 साल से कम आयु के है।
आज के समय में ज्यादा काम से बड़े व्यक्ति के सिर में दर्द होना एक आम बात है लेकिन अगर ये दर्द बीमारी का रूप ले ले तो ये बीमारी आपको मौत की तरफ ले जा सकती है। तो वहीं अगर ये दर्द बड़ों की जगह बच्चों में दिखने लगे तो ये गंभीरता का विषय है। सामान्य रूप से ये समस्या बड़े लोगों में देखने को मिलती है। और बहुत सुनी भी होगी। लेकिन आज के टाइम में ये समस्या छोटे बच्चों और युवाओं में मिलने लगी है। बता दें कि ये समस्या पढ़ने वाले बच्चों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। एक स्टेडी के मुताबिक लगभग 10% स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को माइग्रेन की समस्या है। जिसमें आधे से ज्यादा बच्चें 12 साल से कम आयु के है।
कम नींद या अशांति माइग्रेन का मुख्य कारण है। दिन में चार से ज्यादा घंटे तक सिर में दर्द रहना सामान्य नहीं है। साथ ही पानी की कमी भी इसका कारण हो सकता है। परीक्षा का दबाव, प्रतियोगिता और कई बार परिवार में चल रही समस्या बच्चों के दिमाग में तनाव की स्थिति को पैदा कर देता है। साथ ही आज के समय में बच्चे मोबाइल गेम्स, आईपैड, स्मार्ट फोन और तकनीक उपकरण का ज्यादा यूज करने लगे है। जिससे ये समस्या तेजी से बढ़ने लगी है। Read More
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