आंधी और बारिश ने निवासी वाहिद अली से उसका आशियाना छिन लिया।

उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ रही है। इन्हीं में से एक है यूपी के संभल का निवासी वाहिद अली। जी हां संभल के थाना धनारी क्षेत्र गांव दिनोरा का रहने वाले ये गरीब दिव्यांग तालाब के किनारे झोपड़ी में गुजर बसर कर रहा था। लेकिन कुदरत को ये मंजूर नहीं था। रात के वक्त आई जोरदार आंधी ने इसकी झोपड़ी को उड़ा दिया।
आंधी और बारिश ने निवासी वाहिद अली से उसका आशियाना छिन लिया। इस गरीब दिव्यांग की झोपड़ी उजड़ गई और उसका थोड़ा सामान भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है। बताया जा रहा है की वाहिद अली का न तो कोई परिवार हैं, और ना ही उसका कोई ठिकाना। कुछ दिन पहले लंबी बीमारी के कारण उसका एक पैर भी कटवाना पड़ा। जहां एक और वाहिद अली अपनी जिंदगी से जूझ रहा है और गांव में जाकर किसी तरह मांगकर खा रहा है वहीं दूसरी तरफ अब उसके पार रहने के लिए छत तक नहीं है।
अब यह सवाल उठता है कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबका साथ सबका विकास करने की बात की थी। लेकिन उस बेसहारा दिव्यांग की तरफ कोई अधिकारी नजर उठाकर भी नहीं देख रहा हैं। ऐसे में पीएम और यूपी के सीएम योगी के जरिए किया गया सबका साथ, सबका विकास नारे पर पानी फिरता दिख रहा है। Hindi News
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