ग्रामीणों का बरसात के दिनों में निकलना हो जाता है दूभर
कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे के विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की दुर्दशा इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी। जी हां हम बात कर रहे हैं सरकार के वरिष्ठ मंत्री अरविंद पांडे की। जो अक्सर विवादों में रहते हैं। कभी किसी पुलिस चौकी पर विवाद हो जाता है तो कभी किसी अफसर को लेकर विवाद के साथ उनके नाम जुड़ जाते हैं। कहने को तो यह पिछले 8 साल से लगातार गदरपुर विधानसभा के विधायक और साढ़े 3 साल से उत्तराखंड सरकार में संस्कृत युवा कल्याण खेल के शिक्षा मंत्री हैं। लेकिन अगर बात करें 65 गदरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों की तो सड़कों का बुरा हाल है चाहे वो शंकर नगर गांव का रोड हो जिस पर एक गदरपुर का नामचीन स्कूल भी है जहां बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चाहे वो सड़क खटोला नंबर एक ही हो चाहे वो सड़क गदरपुर से रुद्रपुर जाने वाली गदरपुर मटकोटा मार्ग हो जहां कई मौतें हो चुकी हैं। लेकिन हालात जस के तस ही हैं। ऐसे ही कई और गांव हैं जिनकी संख्या 2 दर्जन से ज्यादा हो सकती है इन सभी गांव की सड़कों के बुरे हाल हो चुके हैं। लेकिन मंत्री जी आज भी पिछली कांग्रेस सरकार को दोष देते हुए दिखते हैं।
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मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि पहले तो 5 साल कांग्रेस सरकार ने काम ही नहीं करने दिया औऱ अब 3 साल से ज्यादा सरकार बने हुए हैं लेकिन सड़कों की हालत जस की तस है। वहीं इसी मामले पर कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि सभी कार्य एक साथ नहीं हो सकते, गदरपुर मठकोटा मार्ग की अगर बात करें तो वो कांग्रेस सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुकी है जो सड़क 17 किलोमीटर की 17 करोड़ में बन जानी चाहिए उसकी लागत 90 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। अक्सर मंत्री जी एसआईटी जांच की भी बात करते ही रहते हैं लेकिन साड़े 3 साल के Read More...

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