
गोरखपुर: वैश्विक महामारी में जहां लोग अवसाद का शिकार होकर घरों में कैद हो गए। तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने कुछ नया आविष्कार कर समाज को सेहतमंद रहने के साथ रोजमर्रा के उपयोग के संसाधन भी उपलब्ध कराएं हैं। गोरखपुर के गंगा राम चौहान भी ऐसे ही अनोखे लोगों में से एक है। जिन्होंने साइकिल पर जुगाड़ की आटाचक्की बनाई है। इसमें गेहूं के साथ किसी भी तरह के अन्न को पीसा जा सकता है और साइकिलिंग कर खुद को सेहतमंद भी रखा जा सकता है।
गोरखपुर के रामजानकी नगर के रहने वाले बीकाम पास गंगाराम ने इस जुगाड़ की आटाचक्की को दो महीने के अथक परिश्रम के बाद तैयार किया है। इसे तैयार करने में 10 हजार रुपए की लागत लगी है।इस चक्की ने पुराने दौर के चलन को याद दिला दिया है। जब लोग हाथ से घर की आटाचक्की को चलाकर गेहूं और अन्य अन्य से आटा पीसते रहे हैं। इससे पुरुष और महिलाओं के साथ युवा होते बच्चे चलाकर जहां अन्न पीस सकते हैं। तो वहीं साइकिलिंग कर सेहतमंद भी रह सकते हैं। साइकिल का पैडल जैसे चलेगा, वैसे ही आटाचक्की भी चलती रहेगी।
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