गुरूवार को सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए जिसको लेकर देश की जनता में आक्रोश है । इसी आक्रोश के चलते उन्हीं जवानों ने आज अपना पहला बदला लिया । जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के दो कमांडरों को 11 घंटे की मुठभेड़ के बाद मार गिराया ।

बता दें कि गाजी को मसूद अजहर का डिप्टी और जैश-ए-मोहम्मद में नंबर-2 आतंकी माना जाता था। रात 1.30 बजे शुरू हुई मुठभेड़ में कई घंटों तक फायरिंग होती रही। फिर सुरक्षाबलों ने उस पूरी बिल्डिंग को ही उड़ा दिया जहां आंतकी छिपे बैठे थे । आतंकी कामरान उर्फ गाजी राशिद इस मुठभेड़ में मारा जा चुका है । जो कि 14 फरवरी को हुए ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था । इसी आतंकी ने सीआरपीएफ काफिले पर आत्माघाती हमले की साजिश रची थी ।
बताया जा रहा है कि, सेना को पुलवामा के पिंगलिना में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी । जिसके बाद सेना ने घेराबंदी कर गोलीबारी शुरू की और रातभर उन्हें मार गिराया । लेकिन इस मुठभेड़ में सेना के 4 जवान शहीद हो गए । शहीद हुए जवानों में मेजर डीएस डोंडीयाल, हेड कॉन्स्टेबल सेव राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंग हैं । इस मुठभेड़ के दौरान आतंकी गाजी एक घर में छिपा बैठा था जिसके बाद सेना ने फायरिंग शुरू की ।
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