
बॉम्बे हाईकोर्ट ने
शुक्रवार को आरे कॉलोनी से जुड़ी एनजीओ और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की चार याचिकाएं
खारिज की. बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पेड़ काटने संबंधी बीएमसी की ट्री अथॉरिटी
का फैसला खारिज करने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद अब आरे कॉलोनी में मेट्रो कार
शेड के लिए करीब 2700 पेड़ों काटे जाएंगे. बता दें कि सबसे पहले बीएमसी ने 29 अगस्त को इसकी
इजाजत दी थी. इसके विरोध में एनजीओ ने कोर्ट में याचिका दायर कर कॉलोनी को वन एवं
संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई थी.
वहीं हाई कोर्ट के
फैसले के बाद गोरेगांव स्थित आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड के लिए करीब 2700 पेड़ काटने का काम शुक्रवार देर रात शुरू हो गया.
लेकिन विरोध अब भी जारी है. पर्यावरण कार्यकर्ताओं के साथ आमजन भी इसका विरोध कर
रहे हैं. शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के अधिकारियों
को पीओके भेजा जाना चाहिए ताकि वे पेड़ काटने के बजाए वहां आतंकी ठिकानों को नष्ट
कर सकें.
इस बीच मुंबई पुलिस
पीआरओ ने शनिवार को बताया कि मेट्रो-रेल प्रोजेक्ट साइट पर धारा 144 लागू कर दी गई है. पिछली रात इस इलाके में विरोध
प्रदर्शन दर्ज करवाने के लिए लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो रहे थे.
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