
नजरबंदी हटने के बाद नेशनल कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी की शुक्रवार को एक मीटिंग हुई।
जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होते जा रहे हैं जिसकी वजह से वहां पर चीजें अब बदल रही हैं। लोगों को अभी जुमे की नमाज पढ़ने के लिए जाने दिया जा रहा है और कुछ पाबंदियां भी खत्म की जा रही है। अलगाववादी नेता महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्लाह जैसे नेताओं को नजरबंद करके रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ नेताओं की नजरबंदी हट गई है। लेकिन नजरबंदी हटते ही घाटी में सियासत गरमा गई है।
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला रखते हुए जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया। जिसके बाद अलगाववादी नेता और कुछ विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इसका विरोध किया। पाकिस्तान भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर काफी परेशान दिखा और उसने भारत के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया। जब उसकी बिल्कुल नहीं चली तो उसने कई बड़े देशों का रुख किया लेकिन उसे वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद से ही पाकिस्तान भारत को परमाणु युद्ध की धमकी देता आया है।
नजरबंदी हटने के बाद नेशनल कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी की शुक्रवार को एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग की रणनीति थी कि आगे किस तरह से काम किया जाए। जानकारी के लिए बता दें कि दोनों पार्टियों की आने वाले चुनाव को लेकर अलग-अलग मीटिंग हुई। नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि चुनाव में भाग लेने को लेकर पार्टी हाईकमान फैसला लेगी। लेकिन अभी पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्लाह हिरासत में है और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी नजरबंद है। बरी हुए नेताओं ने कहा कि वे लोग दोनों से मिलने के लिए सरकार से इजाजत मांगेंगे। Read More
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