हर साल करीब एक लाख कश्मीरी युवक देश के अलग-अलग प्रदेशों में पश्मीना शॉल, सेमी पश्मीना, पूसा, एमपीशॉल, रफल शॉल, कप्तान शॉल, पुंछू, फिरन जैसे गर्म कपड़े बेचने जाते हैं। 
जम्मु-कश्मीर में काफी लंबे समय से आतंकियों का खौफ था। सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से यहां से आतंकियों का सफाया किया। इलाके में शांति तो हुई है लेकिन अभी आर्थिक समस्या बढ़ गई है।कश्मीर के एक गाँव सिंगली पुरा के निवासियों ने बताया की हम गर्म कपड़े बेचने के लिए कपड़ों की गठरी बांधते हैं, लेकिन पता नहीं इस साल गांव और परिवार का खर्च कैसे चलेगा। read more
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