
अमेरिकी जनरल का दावा है कि इस गुप्त परमाणु सिटी का निर्माण 2012 में शुरू हुआ था और 2017 के अंत तक पूरा होने की संभावना थी
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) का अनुमान है कि भारत में अभी 90 से 110 के बीच परमाणु हथियार मौजूद है, जबकि पाकिस्तान का अनुमानित भंडार 120 है. चीन के पास 260 के लगभग परमाणु हथियार मौजूद हैं।

चीन ने सफलतापूर्वक एक थर्मोन्यूक्लियर हथियार का परीक्षण किया है जिसमे दो चरणों में विस्फोट होता है इस कारण यह ज्यादा घातक माना जा रहा है. चीन ने एक स्टेज में विस्फोट करने वाले थर्मोन्यूक्लियर हथियार का परीक्षण 1967 में किया था. जैसा कि सभी को पता है कि भारत के आस-पास परमाणु हथियारों से संपन्न देश हैं ऐसे में भारत अपनी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय अवश्य करेगा।
अमेरिका के एक जनरल में छपी खबर के अनुसार, भारत एक गुप्त परमाणु सिटी (Secret Nuclear City) का निर्माण कर्नाटक राज्य के चित्रदुर्ग जिले के चल्लाकेरे गांव में कर रहा है. अमेरिकी जनरल का दावा है कि इस गुप्त परमाणु सिटी का निर्माण 2012 में शुरू हुआ था और 2017 के अंत तक पूरा होने की संभावना थी।
इस गुप्त सिटी को वैमानिकी परीक्षण रेंज (एटीआर) कहा जा रहा है. इसका संचालन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा किया जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि परमाणु वैज्ञानिक चुपके – चुपके यहां दिन- रात काम कर रहे हैं. मैगज़ीन का दावा है कि भारत इस फैसिलिटी का उपयोग थर्मोन्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए कर रहा है।

अमेरिकी जनरल ने भारत के गुप्त परमाणु सिटी के निर्माण के बारे में खबर तब छापी जब अमेरिकी स्पेस एजेंसी “नाशा” ने सेटेलाइट इमेज के आधार पर बताया कि भारत में एक ऐसी सरंचना का निर्माण दिख रहा है जो कि देखने में किसी परमाणु संयंत्र के आकार जैसा है।
सेवानिवृत्त भारतीय सरकारी अधिकारियों और लंदन और वाशिंगटन में बैठे स्वतंत्र विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सीक्रेट सिटी को बनाने के पीछे भारत का उद्येश्य समृद्ध यूरेनियम ईंधन का एक अतिरिक्त भंडार इकठ्ठा करना है, जिसका उपयोग नए हाइड्रोजन बमों में किया जा सकता है, जिन्हें थर्मोन्यूक्लियर हथियार भी कहा जाता है।
अंत में यह बताना जरूरी है कि भारत सरकार ने इस तरह की किसी भी गुप्त परमाणु सिटी (Secret Nuclear City) के निर्माण की बात का खंडन किया है. वास्तव में सच्चाई क्या है इसका बारे में सटीकता के साथ कुछ भी नही कहा जा सकता है।
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