
16 दिसंबर 2012 को पैरामेडिकल की छात्रा ‘निर्भया’ के साथ स्कूल बस में 6 दरिंदों ने रेप की घटना को अंजाम दिया था।
आज ही के दिन 7 साल पहले यानी 16 दिसंबर 2012 को पैरामेडिकल की छात्रा ‘निर्भया’ के साथ स्कूल बस में 6 दरिंदों ने रेप की घटना को अंजाम दिया था। इतना करने के बाद भी जब उन बहशी दरिदों का मन नहीं भरा तो उनमें से एक ने निर्भया के प्राइवेट पार्ट में जंग लगी लोहे की रॉड को डाल दिया। जिसके बाद निर्भया को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। निर्भया के शरीर में लोहे की रॉड घूसाने से पूरे शरीर में इंफेशन फैलने से दिन व दिन निर्भया की हालत बिगड़ने लगी। जिसके चलते उसने 29 दिसंबर की देर रात दम तोड़ दिया।
6 आरोपियों के साथ हुआ क्या ?

पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ की गई इस क्रुर घटना के बाद छह आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले का पहला आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में ही खुदकुशी कर ली थी। आपकों बता दें कि आरोपी राम सिंह तिहाड़ के जेल नंबर 3 में बंद था। कड़ी निगरानी के बाद भी जेल की ग्रिल से लटककर राम सिंह ने खुदकुशी कर ली। वहीं नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस के तहत बाल सुधार गृह में 3 साल के बाद 20 दिसंबर 2015 को रिहा कर दिया गया। बता दें कि 11 साल का जुवेनाइल अपने घर की तंग हालत की वजह से घर से भागकर दिल्ली आ गया था। जो बस ड्राइवर राम सिंह के साथ क्लीनर का काम करता था। तो वहीं अब चार दोषियों में मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को फांसी की सजा सुनाने की मांग देश के कोने-कोने से उठ रही है। Read More
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