दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के बयान के बाद देश भर में मचे सियासी घमासन के मायने ये हैं कि राहुल गांधी एक बार फिर सक्रीय राजनीति में आना चाहते हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के बयान के बाद देश भर में मचे सियासी घमासन के मायने ये हैं कि राहुल गांधी एक बार फिर सक्रीय राजनीति में आना चाहते हैं। उनको कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी हो रही है।

दरअसल, 2014 के बाद से केंद्र में सत्ता से बेदखल हुई कांग्रेस पार्टी लगातार अपनी खोई हुई जमीन को तलाशने की कोशिश कर रही है। ऐसे में शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की पूरी टीम ने मोदी सरकार के खिलाफ मौर्चा खोला दिया।
राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक और सोनिया से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक ने महंगाई और भ्रष्टाचार पर हल्ला बोला इस दौरान कांग्रेस नेता रागिनी नायक औऱ अखिलेश प्रताप सिंह ने सरकार पर गलत नीतियों का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला।

इसके अलावा रामलीला मैदान में भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का हूजूम देखने के मिला। उनसे जब हमने कई सवाल किए। जिसके जवाब में कार्यकर्ताओं ने मौजूदा सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की।
कुलमिलाकर अगर देखा जाए तो रामलीला मैदान से राहुल गांधी की हूंकार आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी को एक मजबूती भी दे सकती है क्यों कि जिस तरह से शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन में सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से राहुल गांधी की नोकझोक हुई उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में राहुल की भूमिका फिर से निखर सकती है।
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