कश्मीर से धारा 370 भले ही क्यों न हट गया हो लेकिन वहां की फिजाओं को लेकर संसद में चर्चा होती रहती है।
नई दिल्ली: कश्मीर से धारा 370 भले ही क्यों न हट गया हो लेकिन वहां की फिजाओं को लेकर संसद में चर्चा होती रहती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि कश्मीर में बंद राजनीतिक नेताओं को रिहा करने का फैसला जम्मू-कश्मीर प्रशासन लेगा और केंद्र इसमें कोई दखल भी नहीं देगा। अमित शाह ने कहा कि किसी भी नेता को एक दिन के लिए भी हिरासत में रखने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।
आपको बता दें कि गृहमंत्री सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के सवाल का जवाब दे रहे थे उस दौरान ये सारी बाते उन्होंने कहा हैं। शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को जब भी उचित समय लगेगा, हिरासत में रखे नेताओं को रिहा कर देगा।
गृहमंत्री शाह ने कहा, जिन राजनीतिक नेताओं को प्रतिबंधित आदेश के तहत जेल में रखा गया है, सरकार उनमें से किसी को भी एक दिन के लिए भी जेल में नहीं रखना चाहती है।

इसके अलावा अमित शाह ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला छह माह से नजरबंद हैं जबकि कांग्रेस ने उनके पिता को 11 साल तक हिरासत में रखा था। उन्होंने कहा कि हमारा कांग्रेस के नक्शेकदम पर चलने का कोई इरादा नहीं है।
शाह ने कहा कि हम फोन पर प्रशासन को निर्देश नहीं देते हैं। यह काम सिर्फ आप कर सकते हैं, हम नहीं। शाह ने कहा कि सभी नेताओं को घाटी में राजनीतिक नेताओं के बारे में चिंतित होना चाहिए, वह भी चिंतित हैं लेकिन यदि नेता कश्मीर के लोगों के बारे में अधिक चिंता करेंगे तो इससे बेहतर संदेश जाएगा।
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