दर्शन में लगभग 4 हजार लोगों का जमावड़ा था। पुलिस ने कार्वाई के दौरान 5 लोगों को हिरासत में भी लिया है।
CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन किये जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ कर रहे हैं। इसके खिलाफ विरोधाभास आवाजें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली में रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हिंसक प्रदर्शन के बाद नागरिकता कानून के खिलाफ सीलमपुर इलाके में मंगलवार से हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। जिस दौरान कुछ लोग हिंसा पर उतर आए। यहां तक की डीटीसी की तीन बसों को भी जला दिया गया और कई गाड़ियों में भी तोड़-फोड़ की गई। वहीं पुलिस पर भी जमकर पत्थरबाजी की गई। जिसके कारण लगभग 11 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए और साथ ही जनता में से 7 आम लोग भी घायल हुए हैं। इसी बीच 2 लोग गंभीर है जिसमें से एक प्रदर्शनकारी है और एक पुलिसकर्मी है।
प्रदर्शन के दौरान सीलमपुर में एक पुलिस थाने को भी जला दिया गया। बता दें कि बीते दिन मंगलवार को सीलमपुर में करीब 1 बजे प्रदर्शनकारियों का मार्च शुरू हुआ था। जिसने जाफराबाद के इलाके में पहुंचने पर हिंसक रूप धारण कर लिया था। जिसके कारण सीलमपुर से जाफराबाद जाने वाले 66 फीट रोड पर आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया था। लगातार 2 घंटे तक प्रदर्शनकारीयों का बवाल चलता रहा। प्रदर्शन में लगभग 4 हजार लोगों का जमावड़ा था। पुलिस ने कार्वाई के दौरान 5 लोगों को हिरासत में भी लिया है।

मंगलवार और जाफराबाद से सीलमपुर में CAA के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बाद आज सुबह से हालात सामान्य हो गए हैं। सड़कों पर चहल-पहल और यातायात देखने को मिल रहा है। आज सुबह से ही कई स्थानीय लोग हिंसा में नष्ट हुई चीज़ों जैसे की पुलिस बूथ और साथ ही सड़क पर पड़े पत्थरों की सफाई करते नजर आ रहे हैं।
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