सब कार्यों के लिए हैदराबाद में बना एनआरएससी ISRO के लिए सबसे अधिक मददगार साबित होता है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी की इसरो मिसाइल के द्वारा उपग्रह छोड़ने के साथ साथ कई और भी कार्य करता है। बता दें कि वह भारत की उन्नति में भी काफी सहायता करता है। फिर चाहे वो सहायता संरचनात्मक विकास को लेकर हो, शिक्षा के केंद्र में हो या कोई विपत्ति से लोगों को बचाने को लेकर हो। और इन सब कार्यों के लिए हैदराबाद में बना एनआरएससी ISRO के लिए सबसे अधिक मददगार साबित होता है। बता दें कि नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर भारत में मौजूद डिपार्टमेंटस, मंत्रालयों, और डिफेंस यूनिटस को आवश्यक मानचित्र और उपग्रह के तस्वीरें उपलब्ध कराता है।

जिससे की वे अपनी आवश्यकता अनुसार उनका प्रयोग कर सकें। ये उन्नती के लिए भी हो सकते हैं। साथ ही ये कोई आपदा के खिलाफ योजना बनाने में भी सहायता करती है। और एनआरएससी से प्राप्त हुई तस्वीरों के माध्यम से ही भूमि की दशा, उसका ढांचा, शहरी और ग्रामीण स्थानों का मानचित्र बनाने को लेकर, खेती, ई-शासन, वन, टूरिज़्म, बाढ़, सूखा आदि से जुड़ी सूचना मिलती है

मिली जानकारी के मुताबिक एनआरएससी देश के कई डिपार्टमेंटस को उनकी योजना बनाने में सहायता देता है। इसके लिए यह Oceansat-1, 2, IRS P6, Resourcesat, Cartosat-1 और Cartosat-2 जैसे उपग्रहों की सहायता लेता है। बता दें कि इनकी सहायता द्वारा बनाए जाने वाले मानचित्रों और तस्वीरों के माध्यम से ही भारत के संरचनात्मक विकास से जुड़े कार्यक्रमों का आधार भी रखा जाता है।
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