देश में हर साल लगभग 1 करोड़ से ज्यादा शादियां होती हैं। जिनमें से अधिकतर लोग अक्षय तृतीया के दिन ही शादी करते हैं

देश में कोरोना वायरस का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन का सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उद्योग, धंधे बंद होने के कारण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इन सब के बीच कोरोना वायरस का असर अब अक्षय तृतीया पर भी देखने को मिला। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत पावन, मंगलकारी और फलदायक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान-विष्णु की पूजा करने से मनचाही मुराद पूरी होती है और जो भी मंगल कार्य इस दिन किए जाते हैं उसका कई गुणा अधिक फल मिलता है। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन ही हमारे देश में ज्यादातर शादियां होती हैं।
हिंदू धर्म के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ दिन या शुभ मुहुर्त देखा जाता है। लेकिन अक्षय तृतीया में शुभ कार्य को करने के लिए शुभ मुहुर्त देखने की जरुरत नहीं होती। जिसके चलते पूरे भारतवर्ष में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य इस दिन किए जाते हैं। जिसके चलते अक्षय तृतीया के दिन कारोबार में काफी उछाल देखने को मिलता है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते न सिर्फ अक्षय तृतीया के दिन होने वाली हजारों शादियां टली हैं। बल्कि इससे कारोबार को भी कई हजार करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
ज्वैलरी मार्केट पर पड़ा असर
देश में हर साल लगभग 1 करोड़ से ज्यादा शादियां होती हैं। जिनमें से अधिकतर लोग अक्षय तृतीया के दिन ही शादी करते हैं। कोरोना वायरस के कारण इस बार होने वाली लगभग सभी शादियां टाल दी गई है। जिसका सीधा असर ज्वैलरी और गोल्ड मार्केट पर पड़ा है। अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है। जिसके चलते कुछ लोग इस दिन सोना भी खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड कांउसिल की रिपोर्ट की माने तो शादी के दिन दुल्हन के लिए लगभग 200 ग्राम ज्वैलरी खरीदी जाती है। पिछले साल की अगर रिपोर्ट देखी जाए तो बीते साल अक्षय तृतीया के दिन 23 हजार किलो सोने की बिक्री हुई थी। ऐसे में शादियों का टलना ज्वैलरी कारोबारियों के लिए बेहद दुखद है।

लॉकडाउन के चलते शादियों की तारीख बदली
भारत में लॉकडाउन के चलते कुछ लोग तो शादियां कर रहे हैं तो वहीं कुछ राज्यों में लाखों शादियां टाल दी गई है। बात अगर मध्य प्रदेश की करें तो मध्य प्रदेश में अक्षय तृतीया के मौके पर 1 लाख से ज्यादा शादियां होनी थी। जिससे लगभग 2 से 3 हजार करोड़ रुपये के कारोबार होने की उम्मीद थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा हो न सका।
वहीं अगर अन्य राज्यों की बात करें तो राजस्थान में 25 से 30 हजार शादियां, छत्तीसगढ़ में 15 हजार शादियां, उत्तर प्रदेश में 501 और पंजाब में 8 हजार से ज्यादा शादियां टाल दी गई हैं। ऐसे में इसका सीधा असर ज्वैलरी मार्केट पर पड़ा है। ऐसे में शादियां टलने से ज्वैलरी की बुंकिंग नहीं होगी। इससे ज्वैलरी मार्केट को लगभग 5.5 हजार करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा। ज्वैलरी और गोल्ड मार्केट के अलावा शादियां कैंसिल होने का असर टैंट, बैंड, डीजे और कपड़ो समेत अन्य कारोबारों पर भी पड़ा है। जिसके चलते लगभग 1 हजार करोड़ घाटा हुआ।
लोगों ने ऑनलाइन खरीदा सोना
लॉकडाउन के चलते सभी बाजार बंद हैं, कारोबारियों की पूरी तरह से कमर टूट चुकी हैं। एक ओर जहां बाजार में मौजूद ज्वैलरी मार्केट के कारोबारियों के हाथ निराशा लगी है। तो वहीं दूसरी ओर अक्षय तृतीया के मौके पर लोगों ने ऑनलाइन ही सोने और चांदी की खरीददारी की। जिससे ऑनलाइन सराफा बाजार के कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान देखी गई। लोगों ने ऑनलाइन सोना चांदी बेचने वाली कुछ कंपनियों की बेवसाइट से खरीददारी की। अक्षय तृतीया के मौके पर लोगों ने शगुन के लिए सोने-चांदी की बुकिंग की। Hindi News
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